ज़मीन मालिक
खुद खेती नहीं कर पाते? खेत सुरक्षित लीज़ पर दें और तय सालाना किराया पाएँ।
खेतबैंक एक ऐप में खेत लीज़, फसल बिक्री और उधार पर इनपुट लाता है। ज़मीन का मालिकाना किसान के पास रहता है, किराया सीधे बैंक खाते में आता है और फसल का पूरा दाम मिलता है।
तीन परेशानियाँ जो हर गाँव जानता है, और खेतबैंक उन्हें कैसे हल करता है।
स्लाइडर बदलकर लीज़ किराये का अनुमान देखें।
खुद खेती नहीं कर पाते? खेत सुरक्षित लीज़ पर दें और तय सालाना किराया पाएँ।
साफ़ अनुबंध पर ज़्यादा ज़मीन, उधार पर इनपुट और सीधे खरीदार।
सत्यापित फसल की उपलब्धता और भाव देखें, खेत से सीधे खरीदें।
कॉन्ट्रैक्ट खेती के लिए सत्यापित ज़मीन लीज़ पर, किराया एस्क्रो में।
लीज़ सिर्फ़ तय समय के लिए खेती का अधिकार देती है, मालिकाना हक़ कभी नहीं बदलता। खेतबैंक की नींव यही भरोसा है।
किराया कभी किसी के हाथ से नकद नहीं गुज़रता। तय तारीख तक वह सुरक्षित एस्क्रो खाते में रहता है।
शुरुआत 1 ज़िले और 20–30 गाँवों से।
खेत जोड़ने से लेकर पैसा खाते में आने तक, हर कदम आसान भाषा में।
खेत जोड़ने से किराया मिलने तक।
खसरा/खतौनी, लोकेशन और फोटो। ऐप से या हमारे फील्ड एजेंट की मदद से।
पटवारी रिकॉर्ड और मालिकाना जाँच। केवल सत्यापित खेत ही लिस्ट होते हैं।
आपके इलाके में ज़मीन चाहने वाले किसान, कंपनी या निवेशक से मिलान।
1 से 5 साल की अवधि, किराया और खेती के नियम तय कर डिजिटल हस्ताक्षर।
तय समय पर किराया सीधे मालिक के बैंक खाते में।
कटाई के बाद फसल लिस्ट करें, खरीदार खुद आपके पास आएँगे।
फसल, मात्रा, गुणवत्ता और फोटो।
खरीदारों के ऑफ़र, आज के मंडी भाव के साथ।
उठान के बाद पूरा भुगतान बैंक खाते में। हर बिक्री पर 1–3% प्लेटफ़ॉर्म शुल्क।
बुवाई के समय बीज, खाद, दवा लें, फसल बिकने पर चुकाएँ।
नहीं। लीज़ सिर्फ़ तय अवधि के लिए खेती का अधिकार देती है। ज़मीन के रिकॉर्ड में आपका ही नाम रहता है।
हाँ। किराया पहले से एस्क्रो में जमा होता है, इसलिए वह लीज़ लेने वाले की फसल पर निर्भर नहीं करता।
खसरा/खतौनी, आधार और बैंक खाते की जानकारी। बाकी में हमारा फील्ड एजेंट मदद करता है।
खत्म करने के नियम, नोटिस अवधि समेत, हस्ताक्षर से पहले अनुबंध में लिखे जाते हैं।
सालाना किराये पर 5–10% कमीशन और फसल बिक्री पर 1–3%। पुष्टि से पहले सभी शुल्क दिखाए जाते हैं।
छोटा शुरू करें, फिर बढ़ाएँ। चरण, ऐप रिलीज़, कमाई और फंडिंग की पूरी योजना।
पहले Android, क्योंकि ज़्यादातर किसान वही चलाते हैं। iOS बाद में।
5 अलग-अलग आय के स्रोत।
| स्रोत | कैसे | कब से |
|---|---|---|
| लीज़ कमीशन | सालाना किराये पर 5–10% | चरण 1 |
| फसल मार्केटप्लेस | हर बिक्री पर 1–3% | चरण 1 |
| इनपुट बिक्री | दवा/खाद पर मार्जिन | चरण 2 |
| सेवाएँ | ट्रैक्टर, ड्रोन, जाँच का शुल्क | चरण 2 |
| क्रेडिट | पार्टनर NBFC/बैंक से कमीशन | चरण 3 |
उदाहरण अनुमान। असली आँकड़े पायलट के बाद बदलेंगे।
पहले साल घाटा सामान्य है। शुरुआती फंडिंग लगभग ₹50–60 लाख, जिसमें कमी और सुरक्षा बफ़र दोनों शामिल हैं।
राज्य के लीज़ नियम जाँचें, पायलट ज़िला चुनें, NBFC पार्टनर ढूँढें।
ज़मीन मालिक, किसान, खरीदार या पार्टनर। अपनी जानकारी दें, हमारी टीम आपको कॉल करेगी।
खेतबैंक कभी फ़ोन पर OTP या पैसे नहीं माँगता।
खेतबैंक छोटे किसानों का डिजिटल साथी है। हम लीज़ को सुरक्षित, बिक्री को निष्पक्ष और उधार को सस्ता बनाते हैं, बिना ज़मीन को उसके परिवार से अलग किए।
ज़्यादातर गाँवों में कुछ परिवारों के पास ऐसी ज़मीन है जिस पर वे अब खेती नहीं कर पाते। बेटा शहर में नौकरी करता है, पिता की उम्र हो गई है, या अगले सीज़न के लिए पैसा ही नहीं है। वहीं पड़ोस का एक किसान खेती अच्छी जानता है, पर उसके पास अपनी ज़मीन नहीं है।
आज ये दोनों ज़ुबानी सौदा करते हैं। न कागज़, न किराये की तय तारीख, और हमेशा एक डर: अगर उसने ज़मीन वापस न की तो? यही डर हज़ारों एकड़ खेत खाली रखता है।
खेतबैंक इस ज़ुबानी सौदे को सत्यापित, लिखित और डिजिटल सौदे में बदलता है, और फिर उस खेत की फसल को सही खरीदार तक पहुँचाता है।
खेत का अधिकार किसान का। फसल का पूरा दाम किसान का।
हर छोटे किसान को उसकी अपनी या जोती गई ज़मीन से ज़्यादा कमाई दिलाना, सुरक्षित लीज़, सीधी बिक्री और सही उधार के ज़रिए।
भारत में कोई खेत डर की वजह से खाली न रहे, और कोई किसान बिचौलिये की वजह से घाटे में न बेचे।
भारत के खेत छोटे हैं और छोटे होते जा रहे हैं। छोटे खेतों को साझा साधन चाहिए: लीज़, मिलकर बिक्री और सामूहिक उधार।
*स्रोत: कृषि जनगणना 2015-16, भारत सरकार।
खेतबैंक पर कोई भी अनुबंध मालिकाना हक़ नहीं बदल सकता। हर लिस्टिंग से पहले हम यह जाँचते हैं।
किराया एस्क्रो से और फसल का भुगतान सीधे बैंक में। न इंतज़ार, न नकद।
हर शुल्क और हर दर सहमति से पहले दिखती है। कोई छुपी कटौती नहीं।
हमारा फील्ड एजेंट पास में रहता है और कागज़, फोटो और ऐप में मदद करता है।
ऐप किसान की भाषा बोलता है, और जो पढ़ नहीं पाते उनके लिए आवाज़ में मदद।
राज्य के लीज़ नियम, RBI-पंजीकृत कर्ज़दाता, लाइसेंसधारी डीलर। कोई शॉर्टकट नहीं।
हमारे ज़्यादातर लोग दफ़्तर में नहीं, खेतों में काम करते हैं।
खेत जोड़ना, फोटो लेना, अनुबंध समझाना और हर सीज़न में दौरा।
हर लिस्टिंग से पहले खसरा/खतौनी का पटवारी और ऑनलाइन भू-रिकॉर्ड से मिलान।
अनुबंध राज्य कानून के अनुसार रखना और विवाद जल्दी सुलझाना।
हफ़्ते में छह दिन हिंदी में सवालों के जवाब।
खरीदार, मिल और कंपनियों को जोड़ना, मंडी भाव पर नज़र।
ऐसा आसान ऐप बनाना जो साधारण फ़ोन और कमज़ोर नेटवर्क पर भी चले।
सरपंच, FPO या किसान समूह: हमसे बात करें।
बैंक खाते में तय सालाना किराया, लिखित अनुबंध, और अवधि खत्म होने पर ज़मीन वापस आपके हाथ में।
किराया हस्ताक्षर से पहले तय होता है और पहले से एस्क्रो में जमा रहता है। लीज़ लेने वाले की फसल खराब होने पर भी तय तारीख को आपको मिलता है।
लीज़ सिर्फ़ 1–5 साल खेती का अधिकार देती है। ज़मीन के रिकॉर्ड से आपका नाम कभी नहीं हटता।
हमारा फील्ड एजेंट हर सीज़न खेत देखता है और फोटो भेजता है, ताकि शहर में रहकर भी आपको खेत की खबर रहे।
किराया जगह, मिट्टी और सिंचाई पर निर्भर करता है। ये उदाहरण आँकड़े हैं।
| ज़मीन | ₹20,000/एकड़ (बारानी) | ₹30,000/एकड़ (औसत) | ₹40,000/एकड़ (सिंचित) |
|---|---|---|---|
| 1 एकड़ | ₹20,000 | ₹30,000 | ₹40,000 |
| 2 एकड़ | ₹40,000 | ₹60,000 | ₹80,000 |
| 5 एकड़ | ₹1 लाख | ₹1.5 लाख | ₹2 लाख |
| 10 एकड़ | ₹2 लाख | ₹3 लाख | ₹4 लाख |
किराया साल में एक बार, या खरीफ़ और रबी से पहले दो किस्तों में दिया जा सकता है, जैसा अनुबंध में लिखा हो।
ये तैयार रखें। हमारा फील्ड एजेंट इनकी फोटो ले सकता है।
खेतबैंक की हर लीज़ ई-स्टाम्प अनुबंध होती है, जिसमें ये धाराएँ होती हैं। हस्ताक्षर से पहले आपको हिंदी में समझाई जाती हैं।
सटीक शब्द आपके राज्य के लीज़ कानून के अनुसार होते हैं और हमारे कानूनी सलाहकार जाँचते हैं।
या फील्ड एजेंट को बुलाएँ, बिना किसी शुल्क के।
उन किसानों के लिए जो ज़्यादा उगाना चाहते हैं: पास के सत्यापित खेत लीज़ पर लें, बीज-खाद उधार पर लें और फसल सीधे बेचें।
उधार बुवाई पर लिया जाता है और कटाई पर चुकाया जाता है, यानी फसल की कमाई से पहले कोई भुगतान नहीं।
आँकड़े उदाहरण हैं। उधार पार्टनर NBFC/बैंक देता है, उनकी मंज़ूरी पर।
हमारे एजेंट पात्रता जाँचने और आवेदन में मदद करते हैं। पात्रता हर योजना के अपने नियमों पर निर्भर है।
अपना गाँव और कितने एकड़ चाहिए, बताएँ।
खरीदार, कर्ज़दाता, डीलर, निवेशक और मशीन मालिक: खेतबैंक आपको सत्यापित किसान और सत्यापित ज़मीन एक जगह देता है।
चरण 2 से इसे खेतबैंक पर लिस्ट करें और पास के किसानों से बुकिंग पाएँ। दर आप तय करें, हम छोटा बुकिंग शुल्क जोड़ते हैं।
हम समझते हैं कि आप क्या खरीदते, उधार देते या देते हैं।
लाइसेंस, पंजीकरण और बैंक विवरण।
शुल्क, सेवा स्तर और डेटा नियम लिखित में।
पायलट गाँवों से शुरू, फिर साथ मिलकर विस्तार।
फ़ॉर्म में “निवेशक / NBFC / पार्टनर” चुनें, हम आपको कॉल करेंगे।
सहमति से पहले आप देखते हैं कि कितना देना है। न पंजीकरण शुल्क, न छुपी कटौती, न नकद।
पायलट के लिए प्रस्तावित शुल्क ढाँचा। अंतिम दरें लॉन्च से पहले तय होंगी।
| सेवा | कौन देता है | शुल्क |
|---|---|---|
| खेत लिस्टिंग और सत्यापन | — | मुफ़्त |
| लीज़ कमीशन | लीज़ लेने वाला | सालाना किराये का 5–10% |
| ई-स्टाम्प शुल्क | अनुबंध के अनुसार | सरकारी दर, जितना लगे |
| फसल मार्केटप्लेस | खरीदार | खरीद का 1–3% |
| बीज, खाद, दवा | किसान | MRP या उससे कम |
| उधार पर इनपुट | किसान (कर्ज़दाता को) | कर्ज़दाता का ब्याज, पहले बताया गया; खेतबैंक का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं |
| ट्रैक्टर / ड्रोन / मिट्टी जाँच | किसान | बुकिंग से पहले दिखाई गई स्थानीय दर |
विषय चुनें या सब पढ़ें। जवाब न मिले तो सहायता केंद्र पर कॉल करें।
नहीं। लीज़ सिर्फ़ तय अवधि तक खेती का अधिकार देती है। ज़मीन के रिकॉर्ड में आपका नाम रहता है, और अनुबंध में यह लिखा होता है।
1 से 5 साल तक। अवधि आप हस्ताक्षर से पहले चुनते हैं।
रिकॉर्ड में दर्ज सभी सह-मालिकों की सहमति ज़रूरी है। फील्ड एजेंट लिस्टिंग से पहले सहमति लेता है।
कोई स्थायी निर्माण नहीं। छप्पर जैसी अस्थायी चीज़ के लिए आपकी लिखित सहमति चाहिए।
हाँ, अनुबंध की शर्तों के अनुसार, जिसमें नोटिस अवधि और खड़ी फसल का नियम शामिल है।
अनुबंध की तारीखों पर: साल में एक बार या खरीफ़ और रबी से पहले दो किस्तों में।
आपका किराया पहले से एस्क्रो में है, इसलिए आपको मिलेगा। लीज़ लेने वाला अलग से फसल बीमा का दावा कर सकता है।
एक सुरक्षित बैंक खाता जिसमें पैसा तय तारीख तक रहता है। कोई भी पक्ष उसे पहले नहीं निकाल सकता।
नहीं। आप कहीं भी बेच सकते हैं। खेतबैंक आपको तुलना के लिए ज़्यादा खरीदार देता है।
आप फोटो डालते हैं; खरीदार पक्का करने से पहले नमूना या खेत का दौरा माँग सकता है।
खरीदार उठान से पहले प्लेटफ़ॉर्म पर भुगतान करता है, और उठान पक्का होते ही पैसा आपके पास आता है।
नहीं। उधार केवल RBI-पंजीकृत NBFC या बैंक देते हैं। खेतबैंक जोड़ता है और शर्तें दिखाता है।
कर्ज़दाता तय करता है, और स्वीकार करने से पहले ऐप में दिखता है। आप मना कर सकते हैं।
बाकी रकम कर्ज़दाता की शर्तों के अनुसार कर्ज़ के रूप में रहती है। फसल बीमा नुकसान में मदद कर सकता है।
हाँ। फील्ड एजेंट आपको जोड़ता है और आपको SMS और फ़ोन कॉल से जानकारी मिलती है।
आपके कागज़ सुरक्षित रखे जाते हैं और केवल दूसरे पक्ष और आपके मंज़ूर किए पार्टनर के साथ साझा होते हैं।
कभी न बताएँ। खेतबैंक का कोई कर्मचारी OTP या नकद नहीं माँगता। सहायता केंद्र पर शिकायत करें।
हमारा सहायता केंद्र सोमवार से शनिवार हिंदी में जवाब देता है।